Analog Digital And Hybrid Computer एनालॉग, डिजिटल एवं हाइब्रिड कंप्यूटर के बारे में उदाहरण सहित विस्तार पूर्वक समझाइए।

कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो अपरिपक्व(Raw) डाटा तथा तथ्यों को किसी प्रक्रिया विशेष की मदद से उद्देश्य पूर्ण सूचना में परिवर्तित करता है।
अनुप्रयोगों के आधार पर कंप्यूटर को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है-
1- एनालॉग कंप्यूटर- एनालॉग ग्रीक भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है किन्हीं दो राशियों में समरूपता की तलाश करना। एनालॉग कंप्यूटर भौतिक मात्राओं को माप कर उनके परिमाप को अंको में व्यक्त करता है। ”अर्थात वह कंप्यूटर जिसके द्वारा भौतिक मात्राओं को मापा जाता है जैसे तापमान, दाब, गति, लंबाई तथा चौड़ाई एनालॉग कंप्यूटर कहलाता है। एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से विज्ञान तथा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में किया जाता है घर तथा ऑफिस के कार्यो के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता।”  एनालॉग कंप्यूटर ‘मात्रा में कितना’ के आधार पर किसी परिणाम को प्रस्तुत करते हैं। इनमें इनपुट नंबर या अक्षर ना हो करके राशि होती है। जैसे आप गति, तापमान, द्रव्यमान आदि इसमें इनपुट हमेशा सतत रूप में होता है। यह कंप्यूटर किसी राशि का तुलना के आधार पर करते हैं- उदहारण- थर्मामीटर, प्रेशर गेज, इलेक्ट्रिसिटी मीटर, स्पीडोमीटर, वजन नापने की मशीन आदि।
एनालॉग कंप्यूटर में मेमोरी नहीं होती है इसलिए यह पहले वाले डाटा को स्टोर नहीं रखता है,
उदाहरण के लिए – थर्मामीटर बुखार मापने के लिए थर्मामीटर काम में लिया जाता है थर्मामीटर पहले वाले तापमान को स्टोर करके नहीं रखता है हर बार शुरू से ही बुखार(शरीर का तापमान) मापता है।
एनालॉग कंप्यूटर वर्तमान रिजल्ट दिखाता है जैसे-जैसे इनपुट सिगनल चेंज होगा आउटपुट भी चेंज होता रहेगा।
उदाहरण के लिए जैसे जैसे दाब बढ़ाते जाएंगे वैसे-वैसे आउटपुट भी चेंज होता जाएगा हमें कुछ भी करने की जरुरत नहीं है।
वायुयान में एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है, अगर आसमान में मौसम में बदलाव होता है तो एनालॉग कंप्यूटर अपने आप आउटपुट डाटा को चेंज कर देता है।
एनालॉग कंप्यूटर के उपयोग- एनालॉग कंप्यूटर मुख्य रूप से विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रयोग किए जाते हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में मात्राओं का अधिक प्रयोग होता है। इन कंप्यूटर से पूर्णत: शुद्ध परिणाम प्राप्त नहीं हो पाता यह केवल अनुमानित परिणाम ही देते हैं। रसायनिक प्लांट्स, पैट्रोलियम रिफायनरीज, इलेक्ट्रॉनिक पावर प्लांट आदि क्षेत्रों में एनालॉग कंप्यूटर उपयोग में लाए जाते हैं।
2. डिजिटल कंप्यूटर- डिजिट से डिजिटल बना हुआ है जिसका सामान्य अर्थ होता है अंक, डिजिटल कंप्यूटर वह कंप्यूटर है जो अंको की गणना करता है। यह कंप्यूटर किसी चीज की गणना करके “कितने” के सिद्धांत पर परिणाम देता है। डिजिटल कंप्यूटर किसी भी डाटा को जीरो तथा एक में परिवर्तित करके सभी गणना ही करता है। Digital Computer वो Computer होते है, जिनके द्वारा नंबरों की गणना की जाती है, इन कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट दोनों बाइनरी कोड के रूप में होते हैं अर्थात डिजिटल कंप्यूटर केवल मशीन भाषा को ही समझते और प्रोसेस करते हैं।
उदाहरण- डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, डिजिटल घड़ी आदि। 
डिजिटल कंप्यूटर के उपयोग- इन कंप्यूटर का प्रयोग मुख्य रूप से सभी जगह किया जाता है, जैसे- घर, ऑफिस, रेलवे, होटल, दुकान आदि वर्तमान में प्रचलित शिक्षा, उद्योग, व्यापार जगत आदि के कंप्यूटर सामान्यतः डिजिटल कंप्यूटर ही होते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर का वर्गीकरण- 1 माइक्रो कंप्यूटर- माइक्रो कंप्यूटर वो कंप्यूटर होते हैं, जिनमें माइक्रोप्रोसेसर का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है.
2 मिनी कंप्यूटर- मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक विकसित होते हैं. इन कम्प्यूटरों की प्रोसेस क्षमता माइक्रो कम्प्यूटरों से 5 गुना अधिक होती है।
3 मेनफ्रेम कंप्यूटर- मेनफ्रेम कंप्यूटर का साइज मिनी व माइक्रो कम्प्यूटरों से बड़ा होता है, और इन कम्प्यूटरों की स्टोरेज क्षमता भी अधिक होती है. मतलब इसमें अधिक डाटा को सेव किया जा सकता है।
4 सुपर कंप्यूटर- ये कंप्यूटर सबसे अच्छे माने जाते हैं, क्योंकि इसकी लॉजिकल डिसिशन क्षमता काफी तीव्र और सटीक होती है. अर्थात इसमें लॉजिकल ऑपरेशन बहुत अच्छे से परफॉर्म होते हैं।
3. हाइब्रिड कंप्यूटर- एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर दोनों के श्रेष्ठ गुणों को सम्मिलित करके बनाए गए कंप्यूटर हाइब्रिड कंप्यूटर कहलाते हैं। Hybrid Computer उन Computer को कहा जाता है, जो Analog Computer और Digital Computer दोनों की विशेषता को रखता है. अर्थात ये भौतिक मात्राओं को भी माप सकते हैं और अंको की गणना भी कर सकते हैं, एनालॉग कंप्यूटर में किसी भी सिस्टम के नियंत्रण के लिए एक ही क्षण में दिशा-निर्देश प्राप्त हो जाते हैं। हाइब्रिड कंप्यूटर इन निर्देशों को डिजिटल निर्देशों में परिवर्तित करने के लिए विशेष यंत्रों का प्रयोग करते हैं। मॉडम एक ऐसा यंत्र है यह एनालॉग संकेतों को डिजिटल संकेतों तथा डिजिटल संकेतों को एनालॉग संकेतों में परिवर्तित करने का कार्य करता है।
उदाहरण- पेट्रोल पम्प पे लगा Hybrid computer, पेट्रोल की मात्रा को भी मापता है और उसके मूल्य की भी गणना करता है. ये दोनों कार्यों में सक्षम होता है, पैसेंजर फ्लाइट,रडार सिस्टम, मॉडम, सेंट्रल डिफेंस सिस्टम आदि ।
हाइब्रिड डिजिटल कंप्यूटर के उपयोग- इन कंप्यूटरों का प्रयोग विशेष समस्याओं जैसे इनपुट डाटा को माप कर डिजिट में बदलकर क्रियान्वित करके करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जैसे- एनालॉग कंप्यूटर की एनालॉग डिवाइस किसी मरीज के लक्षणों,  तापमान, रक्तचाप, आदि को मापती है तथा यह परिणाम डिजिटल भागों के द्वारा अंको में परिवर्तित कर प्रस्तुत किए जाते हैं इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों चिकित्सकीय उपकरणों कंप्यूटर ऐडेड मैन्युफैक्चरिंग आदि क्षेत्रों में किया जाता है।

Comments

  1. VERY HELPFUL IMFORMATION . THANK U

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