What is ROM (Read Only Memory) ? रोम क्या है?

ROM (Read Only Memory)

ROM एक स्थाई मेमोरी होती है तथा इसमें डाटा स्थाई रूप से संग्रहित होते हैं, जिन्हें केवल पढ़ा जा सकता है। यह डाटा या इंफॉर्मेशन को हमेशा के लिए संग्रहित करके रखता है। परंतु कुछ विशेष प्रक्रिया द्वारा कुछ रोम के डाटा को मिटाया भी जा सकता है।
BIOS (Basic Input Output System) नए कंप्यूटर में पहले से ही उपस्थित होता है और इसमें पूर्व से ही प्रोग्राम को संग्रहित कर दिया जाता है, और यह कंडक्टर चीप के रूप में मदरबोर्ड में होता है। यह एक नॉन वोलेटाइल मेमोरी है इस कारण कंप्यूटर के बंद होने की स्थिति में इसमें मौजूद डाटा नहीं मिटता है।
रोम का उपयोग कंप्यूटर के अलावा मोबाइल फोन, वाशिंग मशीन, और माइक्रोवेव ओवन जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में भी प्रोग्राम को स्टोर करने के लिए किया जाता है। ताकि वह मशीन बेसिक फंक्शन को परफॉर्म कर पाए।
विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में रोम का कार्य अलग-अलग होता है, क्योंकि इसके द्वारा किया जाने वाला टास्क इसमें स्टोर प्रोग्राम पर निर्भर करता है।
Computer में रोम का कार्य सिस्टम को स्टार्ट करने का होता है अर्थात जब हम कंप्यूटर के पावर ऑन बटन को दबाते हैं तो पावर सीपीयू तक पहुंच जाता है, इससे रोम में उपस्थित कोड निष्पादित हो जाता है, और कंप्यूटर की बूटिंग प्रोसेस शुरू हो जाती है।
यहां BIOS चीप के उत्पादन के लिए यह सिस्टम की जांच करता है, और उसे चालू करने के लिए तैयार करता है। इस प्रक्रिया को पावर ऑन सेल्फ टेस्ट कहते हैं।

रोम के प्रमुख विशेषताएं-

 1. रोम उन आवश्यक प्रोग्राम को स्टोर करता है जिसका उपयोग कंप्यूटर को बूट अप करने के लिए किया जाता है।

2. बेसिक फंक्शनैलिटी के इंस्ट्रक्शन स्टोर करता है।

3. इस में उपस्थित डाटा ना तो बदला जा सकता है और ना ही दोबारा लिखा जा सकता है।

4. यह सस्ता होता है।

5. रोम बहुत ही कम ऊर्जा का इस्तेमाल करता है।

6. इसे रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

RAM और ROM में भिन्नता-

1. RAM में उपस्थित डाटा को पढ़ा भी जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर उसमें सुधार भी किया जा सकता है। परंतु ROM को केवल पढ़ा जा सकता है इसमें कोई सुधार नहीं किया जा सकता है।
2. रैम को प्रोग्राम या ऑपरेटिंग सिस्टम को चलाने के लिए डाटा को उपयोग में लिया जाता है। रोम में से हुए डेटा का उपयोग सिस्टम को शुरू करने के लिए किया जाता है।
3. सिस्टम डिलीट करने पर रोम का डाटा डिलीट हो जाता है परंतु रैम का डाटा सुरक्षित रहता है।
4. रैम का आकार छोटा होता है और रोम का साइज बहुत अधिक तक बड़ा हो सकता है। 
5. रैम रोम की अपेक्षा अधिक खर्चे वाला होता है।

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