What is HTML document? Explain Advantage, Disadvantage And Versions of HTML with example.

HTML का पूरा नाम Hypertext Markup Language (हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) होता हैं जो एक computer की भाषा होती है जिसका इस्तेमाल वेब पेज का स्ट्रक्चर बनाने के लिए किया जाता है इसके अलावा इसका इस्तेमाल वेब एप्लीकेशन बनाने के लिए भी किया जाता है अन्य शब्दों में कहें तो, “HTML एक कंप्यूटर भाषा है जिसका इस्तेमाल वेबसाइट और एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है.” यह भाषा computer की अन्य भाषा जैसे C, C++, JAVA आदि के मुकाबले बहुत ही सरल होता है, इसका इस्तेमाल करना कोई भी व्यक्ति आसानी से और बहुत कम समय में सिख सकता है। HTML के द्वारा बनाया गया वेब पेज ज्यादा आकर्षक नहीं होता इसलिए वेब पेज को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए वेब पेज में Html के साथ जावा स्क्रिप्ट और कास्केडिंग स्टाइल  शीट (CSS) का उपयोग किया जाता है |

HTML की खोज Tim Berners-Lee ने सन 1990 मे किया था इसलिए टिम बर्नर्स-ली को HTML का जनक कहा जाता है। HTML एक platform-independent language है जिसका इस्तेमाल किसी भी platform में किया जा सकता है जैसे Windows, Linux, Mac इत्यादि। HTML में बहुत सारें tags होते हैं जिनका इस्तेमाल करके हम अपने वेब पेज को आसानी से बना सकते हैं. एचटीएमएल वेब ब्राउज़र को यह बताता है कि वेब पेज में मौजूद content को किस प्रकार दिखाना है. HTML में हम CSS का इस्तेमाल करके आकर्षक और सुंदर वेबसाइट बना सकते हैं साथ ही इसमें जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल भी किया जा सकता हैं।

HTML Code को लिखने के लिए किसी विशेष सॉफ्टवेयर की आवश्यकता नही होती है बल्कि इसके लिए हमें notepad और web browser की ही जरूरत होती है जो कि हमारे कंप्यूटर में डिफाल्ट रूप से पहले से ही मौजूद होते है। इस भाषा को एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं माना जाता, क्योकि यह dynamic web page डिज़ाइन करने में सक्ष्म नहीं होती। इसका उपयोग करके हम केवल static web pages को ही बना सकते है। इस भाषा का उपयोग करके दो या दो से अधिक web pages को आपस में जोड़ा जा सकता है। एचटीएमएल का फ़ाइल extension .html तथा .htm होता है। अर्थात् इसकी फ़ाइलों को .html और .htm लगाकर save किया जाता है।

 

यहाँ हाइपरटेक्स्ट, मार्कअप लैंग्वेज और वेब पेज का अपना एक अर्थ इस प्रकार है –

HyperText :–  हाइपरटेक्स्ट, वेब पेज (HTML documents) को लिंक करने का एक तरीका है। हाइपरटेक्स्ट के द्दारा दो या दो से अधिक वेब पेज को आपस में एक दूसरे के जोड़ा जाता है। यह वेब पेजो को आपस में कनेक्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। हाइपरटेक्स्ट पर क्लिक करके आप एक वेब पेज से दूसरे वेब पेज में बड़ी आसानी से पहुंच सकते है।

Markup language :  मार्कअप लैंग्वेज एक कंप्यूटर भाषा है जिसका उपयोग टेक्स्ट दस्तावेज़ में लेआउट को लागू करने के लिए किया जाता है। मार्कअप लैंग्वेज बताती है कि HTML कैसे काम करता है। इसके साथ, एक टेक्स्ट दस्तावेज़ को टैग के साथ “मार्क अप” कर सकते हैं।  मार्कअप लैंग्वेज टेक्स्ट को अधिक इंटरैक्टिव और गतिशील बनाती है। यह टेक्स्ट को इमेज, टेबल, लिंक आदि में बदल सकता है।

Web Page : वेब पेज एक HTML डॉक्यूमेंट है जो आमतौर पर वेब ब्राउज़र द्वारा translate किया जाता है। वेब पेज static या dynamic प्रकार का हो सकता है। HTML की मदद से हम स्टैटिक वेब पेज बनाते हैं।

HTML का एक सरल उदाहरण प्रस्तुत है

<!DOCTYPE html>

<html>

<head>

<title>Simple HTML Example</title>

</head>

<body>

<h1>This is heading</h1>

<p>This is paragraph</p>

</body>

</html>

इसका आउटपुट-

Version of html in Hindi

HTML के VERSION निचे दिया जा रहा है जिससे आप और अधिक अच्छे से समझ सकें

HTML1.0

यह HTML का पहला वर्जन था जिसे वर्ष 1991 में Tim – Berners Lee के द्वारा लांच किया गया था। इस VERSION में HTML बहुत ही सीमित था इस VERSION में HTML के द्वारा SIMPLE पेज क्रिएट करने के अलावा और अन्य कुछ सुविधाएँ नहीं थी

HTML 2.0

यह HTML का दूसरा वर्जन था जिसे वर्ष 1995 में लांच किया गया था। यह वेबसाइट को डिज़ाइन करने का एक स्टैण्डर्ड वर्जन था। इस वर्जन में नए फीचर्स डाले गये थे जिसमे – file को upload करना और form बनाना आदि सम्मिलित किया गया था। इस VERSION में HTML 1.0 के सभी फीचर थे साथ ही यह HTML वेबसाइट डेलेवोप करने की बुनियादी माध्यम बन गया था

HTML 3.0

इस VERSION के आने से इसकी काफी पापुलरिटी बढ़ सी गई थी पर इस VERSION में ब्राउज़र के साथ COMPATIBILITY प्रॉब्लम की वजह से इस VERSION को  रोक दिया गया था लेकिन बाद में नई एडवांस टैग्स के साथ इसे INTRODUCE किया गया था

HTML 3.2

इस VERSION में पिछले VERSION के साथ कुछ और भी फीचर ADD किये गए थे इस वर्जन को वर्ष 1997 में W3C के द्वारा विकसित किया गया था। इस वर्जन में table बनाने की सुविधा प्रदान की गयी थी. इसके अलावा इस वर्जन में गणितीय कार्य जैसे कि- जोड़, घटाना, गुणा, भाग आदि भी कर सकते थे. आज के समय में यह वर्जन ज्यादातर सभी ब्राउज़र को सपोर्ट करता है। इस VERSION के समय में ही W3C ने वेबसाइट DEVELOPMENT के लिए HTML को स्टैण्डर्ड घोषित किया गया था इस VERSION के आने से अब HTML सीमित नही रह गया था अब इसे व्यापक रूप में उपयोग किये जाने लगा |

HTML 4 .01

HTML के इस वर्जन को दिसंबर 1999 में लांच किया गया था। यह सबसे stable वर्जन था. इसमें हम अपने वेब पेज में CSS (CASCADING STYLE SHEET)  और जावास्क्रिप्ट को भी प्रयोग कर सकते थे. इस VERSION में पिछले VERSION के फीचर के साथ कुछ नये TAGS  को ADD किया गया था इस समय HTML पूरी दुनिया में MODERN LANGUAGE बन चूका था

HTML5.0

यह HTML का सबसे नया वर्जन है जिसे जनवरी 2008 में लांच किया गया था। इस वर्जन को W3C (World Wide Web Consortium), और WHATWG ( Web Hypertext Application) के द्वारा विकसित किया गया था। इसमें नए features को डाला गया है जैसे कि – इसके द्वारा हम अपने वेब पेज में video और audio को add कर सकते हैं तथा मल्टीमीडिया(MULTIMEDIA) SUPPORT के लिए कुछ नये टैग प्रोविडे किये गए है

HTML का क्या Use होता है?

HTML का मुख्य उपयोग वेब पेज बनाने के लिए किया जाता है, इसके लिए एक साधारण text editor Software जैसे की Notepad या Notepad++ जिसमे html का code लिखा जाता हैं और दूसरा एक browser जैसे Internet Explorer, Google Chrome, Mozilla Firefox आदि की आवश्यकता होती है।

HTML छोटे छोटे code की series से बना होता है, इन छोटे codes को tags कहते हैं. HTML tags browser को बताता है की उस tag के अन्दर लिखे गए elements को website में कैसे और कहाँ दिखाया जाये।  HTML ऐसे बहुत सारे tag प्रदान करता है जो graphics, font size और Colours के इस्तेमाल से website को एक आकर्षक रूप देता है

Html कोड को लिख लेने के बाद उसे html एक्सटेंसन के साथ Save करना होता है, अब html document देखने के लिए browser को खोलना होगा वो browser सुरक्षित किये हुए html file को read करेगा और सही तरीके से लिखे हुए code को translate कर सही रूप से website को दिखायेगा। web browser html tags को website में नहीं दिखता बल्कि उस document को सही तरह से दिखने के लिए उन tags का इस्तेमाल करता है।

Features of HTML in Hindi – एचटीएमएल की विशेषताएं

1- HTML सामान्यतः बहुत ही आसान भाषा है इसलिए इसको सीखना और याद रखना आसान होता है साथ ही इसके कोड में  आसानी से बदलाव भी किया जा सकता है

2- यह एक free of cost भाषा है जिसका अर्थ यह है की इस भाषा का उपयोग करने के लिए यूजर को सॉफ्टवेयर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। इस भाषा का syntax सरल होता है.

3- यह भाषा platform independent होती है, जिसका मतलब यह है कि इसका इस्तेमाल किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ किया जा सकता है.

4- यह एक markup language है जिसमे वेब पेज को डिज़ाइन करना आसान होता है। इस भाषा का उपयोग करके एक प्रोग्रामर web page पर link जोड़ सकता है।

5- यह case-sensitive नही होती इसलिए इसमें tags को uppercase और lowercase दोनों तरीकों से लिखा जा सकता हैं.

6- HTML में बहुत से formatting tags होते है जिसकी मदद से effective presentation बनाए जा सकते है।

7- HTML को zip file में compress किया जा सकता है इसलिए इसके कोड को download करना आसान होता है।

8- इस भाषा के द्वारा हम वेबसाइट में audio, video और image को डाल सकते हैं और लगभग सभी तरह के ब्राउज़र को सपोर्ट करती है।

9- इस भाषा के द्वारा हम वेबसाइट के SEO (search engine optimization) को सुधार सकते हैं

DISADVANTAGES of HTML in Hindi – एचटीएमएल की कमियां

1- इस भाषा के द्वारा हम डायनामिक वेब पेज नही बना सकते इसके द्वारा हम केवल static वेबसाइट बना सकते हैं।

2- इस भाषा के structure को समझना काफी मुश्किल होता है।

3- इस भाषा को maintain करना काफी मुश्किल होता है।

4- इसमें simple page बनाने के लिए प्रोग्रामर को बहुत कोड लिखना पड़ता है।

5- इस भाषा की सुरक्षा बहुत कमजोर होती है, इसको hacker आसानी से hack कर सकते हैं।

6- इसमें बनाए गए वेब पेज के कंटेंट को अलग अलग पेज पर दिखाना हो तो सभी पेज में प्रोग्रामर को उसी कोड को बार बार लिखना(कॉपी पेस्ट करना) पड़ता है।

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